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Saturday, 22 April 2017

10 लाख रुपये के इनाम की पेशकश करने वाले मौलवी का सामने आया सच, देखा गया विजिटिंग कार्ड तो लिखा था ये…

सोनू निगम विवाद पर 10 लाख फतवा जारी करने वाले का देखा गया विजिटिंग कार्ड तो चौकानें वाला सच आया सामने...

sonu nigam vs molvi के लिए चित्र परिणाम
जब सोनू निगम ने मंगलवार (18 अप्रैल) को एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा था कि रोजाना सुबह मस्जिदों से आने वाले अजान की आवाज से उनकी नींद टूटती है, क्या ये जबरन धार्मिकता नहीं है। सोनू निगम ने लिखा था कि मंदिर और गुरुद्वारों समेत धार्मिक स्थानों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसके बाद पश्चिम बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद शा कादिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोनू निगम को देश विरोधी करार दिया था।







कादरी ने कहा था कि किसी को भी दूसरे धर्म की भावनाओं के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। कादिरी ने कहा था कि सोनू निगम जैसे लोगों को देश से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने एेलान किया था कि जो कोई भी सोनू निगम का सर मुंडन करेगा और उसे जूतों की माला पहनाएगा उसे वो 10 लाख रुपये इनाम देंगे।


इसके बाद सोनू निगम ने एक और ट्विट किया और लिखा, ‘आज (19 अप्रैल) 2 बजे अलीम मेरे घर आकर मुझे गंजा करेगा, अपने 10 रुपये तैयार रखना मौलवी।’ इसके बाद सोनू निगम ने एक और ट्वीट किया और लिखा, ‘2 बजे इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मीडिया का भी स्वागत है।’ सोनू निगम अपने वादे के मुताबिक 2 बजे मुंबई में अपने घर में मीडिया से रुबरु हुए और उन्होंने अपने ट्वीट को लेकर सफाई दी, लेकिन इसके बाद सोनू निगम ने सचमुच में एक शख्स को अपने घर बुलवाया और अपना सर गंजा करवा लिया। इस मामले को लेकर सोनू पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी।लेकिन अब सैयद शा अतेफ अली अल कादरी के बारे में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।



10 लाख रुपये के इनाम की पेशकश करने वाले मौलवी का सामने आया सच, देखा गया विजिटिंग कार्ड तो लिखा था ये…


दरअसल वह न तो इमाम हैं और न ही कोई मौलाना। उनका कोई भी धार्मिक अधिकार नहीं है। सैयद शाह पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बगानान में कम पहचान वाले खंका शरीफ के मुख्य खिदमतगार हैं।



उनका राज्य के मुस्लिम समुदाय में कम पहचाने जाने वाला चेहरा हैं और उनका वहां कोई प्रभाव नहीं है। मुस्लिम नेताओं ने कहा कि 10 लाख रुपये के इनाम की पेशकश कोई फतवा नहीं थी, क्योंकि वह एक इस्लामिक स्कॉलर नहीं है। एक धार्मिक मुस्लिम नेता ने एचटी से बातचीत में कहा है कि मीडिया उन्हें मीडिया गलत तरीके से पेश कर मौलाना या मौलवी बता रहा है। हमें समझ नहीं आता कि मीडिया उनके कहे पर इतनी अहमियत क्यों दिखा रहा है।





एचटी से बातचीत में कादरी ने खुद को पैगंबर मोहम्मद से जुड़ाव बताया। उन्होंने कहा, मैं उनका 35वां वंशज हूं। उनके विजिटिंग कार्ड पर भी यही लिखा है। वह खुद को धार्मिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं। बता दें कि फतवा जारी करने के लिए इस्लामिक स्कॉलर होना जरूरी है। लेकिन जब गुरुवार को कादरी से फतवा जारी करने के अधिकार के बारे में पूछा गया तो वह इसे नकार गए। उन्होंने कहा, मैंने कोई फतवा जारी नहीं किया था। मैंने सिर्फ यही कहा था कि जो भी सोनू को गंजा करेगा, मैं उसे 10 लाख रुपये दूंगा।

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